श्री सत्यनारायण पूजा : सरल विधि, कथा और महत्व

श्री सत्यनारायण व्रत-पूजन खास तौर पर पूर्णिमा और  गुरुवार को भी किया जाता है।

सत्यनारायण व्रत पूर्णिमा के दिन करने का विशेष महत्व है, क्योंकि पूर्णिमा सत्यनारायण का प्रिय दिन है, इस दिन चंद्रमा पूर्ण कलाओं के साथ उदित होता है और पूर्ण चंद्र को अर्घ्य देने से व्यक्ति के जीवन में पूर्णता आती है।

पूर्णिमा के चंद्रमा को जल से अर्घ्य देना चाहिए।

श्री सत्यनारायण व्रत पूजनकर्ता को स्नान करके कोरे अथवा धुले हुए शुद्ध वस्त्र पहनें।

माथे पर तिलक लगाएं और शुभ मुहूर्त में पूजन शुरू करें।

इसके पश्चात्‌ सत्यनारायण व्रत कथा का वाचन अथवा श्रवण करें।